धरनी

सुंदर कोमल बाला सी धरती, मधुर गीत है गाती
सुंदर नीले फूलों से , धरनी है लहराती .

कब यह छटा फिर धरा की, हम सब मिल कर देखें
इक नई प्यास ह्रदय में, है यह आज जगाती .

सहेज हम अपनी धरोहर, इसका मान बढ़ाएं
मनुहार करने को सबकी , सुंदर गीत है गाती .

कितने सुंदर रंग धरा के , दामन में हैं सिमटे
विनाश की गति को रोको , यही सन्देश दोहराती .

स्वर्ग धरा पर फिर बन जाए , करें प्रयास सभी जो ,
रोक लगाओ लालच पर, प्रकृति हमें पढ़ाती .
-सूक्ष्म लता महाजनBeautiful-nature-green-road-wallpaper

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Published in: on April 9, 2015 at 6:10 am  Leave a Comment  

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