अमूल्य निधि
अन्धियारा फैला चहूँ ओर
न कोई साया न कोई छोर
तकते हैं इक किरण की और
जाने कब आएगी भोर.
रात के बाद सुबह आती है
सुनहरी किरणें संग लाती है
जीवन फिर होता है शुरू
इक पल भी इसका न खोना हज़्र.
समय का महत्व जान लो
अपने मूल्यों को पहचान लो
यही आएगा हर पल काम
अभी बटोर लो अपना ध्यान.
यही निधि है उत्तम जीवन की
सफल कार्य और निशछल प्रेम की
तुलना करो ना इससे सिक्कों की
प्राण वायु हैं ये जीवन की.
हर चीज़ जो चमके
सोना नहीं होती
यह अमूल्य निधि है
जो कभी नहीं खोती.
परायों को भी ले आती पास
टूट्ने देती कभी न आस.
अपने को कर लो भरपूर
छल कपट हों कोसों दूर
भीड़ की करना कभी न आस
एक भी सच्चा हो अगर पास.
दिल को रखो
सदा खुशहाल
खुशियों से रहेंगे
मालामाल.
मन को सदा लगाए रखना
होना ना उदास,न ही उलझना
एक सॅंकल्प न व्यर्थ गँवाना
भरते रहना अपना खज़ाना.
शब्दो से हो जायो परे
हो खुशहाल जो चेहरा पढ़े
शुभ संकल्पों का हो व्यापार
करते रहो उत्तम् व्यव्हार.
लेने का न कभी आए सॅंकल्प
खोजो सदा नये विकल्प
जो भी दोगे पाओगे वहीअपने आप.
मिटेंगे सारे दुख संताप.